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सुकन्या समृद्धि योजना 2019, 2020 नियम जानकारी हिंदी में

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सुकन्या समृद्धि योजना 2020 नियम हिंदी जानकारी

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सुकन्या समृद्धि योजना 2020 नियम हिंदी जानकारी

भारत में विभिन्न प्रकार के सर्वे में यह सिद्ध हो चुका है की हमारे देश में लड़कों के मुक़ाबले लड़कियों का अनुपात काफी कम है। आजादी के बाद से अब तक लागू की जाने वाली लगभग हर आर्थिक योजना में इस अनुपात को सुधारने के अलग-अलग रूप से प्रयत्न किए जाते रहे हैं। इन कोशिशों में हेल्थ सुविधाओं और सेवाओं में सुधार, शिक्षा का प्रचार और प्रसार तथा जच्चा-बच्चा स्वस्थ्य कार्यक्र्म आदि प्रमुख माने जाते हैं। लेकिन आजादी के 70 साल बाद भी भारत के लिंगानुपात में कोई विशेष सुधार नहीं आया है। इस दिशा में भारत सरकार द्वारा एक और कोशिश करी जा रही है। यह कोशिश है सुकन्या सुधार योजना। आइये इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं:

सुकन्या समृद्धि योजना क्या है?

इस योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति डाक विभाग या बैंक के पास सुकन्या  समृद्धि योजना के नाम से एक अकाउंट खुलवा सकता है। यह सुविधा देश के लगभग हर डाक विभाग में उपलब्ध है। 14 वर्ष तक इस एकाउंट में पैसा जमा करवाने के बाद या कन्या के 21 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद पूरी राशि एकाउंट धारक को मिल जाता है।

सुकन्या समृद्धि योजना का उद्देश्य

भारत के जनमानस में विवाह और इस प्रकार के पारिवारिक मांगलिक कार्यों पर प्रत्येक व्यक्ति सीमा से अधिक खर्च करता है। लेकिन समाज का एक बड़ा भाग आय के सीमित होने के कारण जरूरी खर्च भी नहीं कर पाता है। ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों की शादी पर आने वाले खर्च को आसनी से पूरा किया जा सके, इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर ही सुकन्या  समृद्धि योजना को शुरू किया गया।

सुकन्या समृद्धि खाता कहाँ खोला जाए?

भारत  सरकार द्वारा शुरू करी गई सुकन्या समृद्धि योजना में  खाता आप किसी भी डाक घर या सरकार द्वारा निश्चित किए गए बैंक में खोल सकते हैं। सामान्य रूप से जो बैंक पीपीएफ एकाउंट की सुविधा देते हैं, वहीं आप सुकन्या समृद्धि योजना के लिए भी खाता खोल सकते हैं। लेकिन इस स्थिति में यह पता कर लें की जिस बैंक में आप अपना इस योजना के अंतर्गत खाता या एकाउंट खोलने जा रहे हैं क्या उसकी हर ब्रांच में यह सुविधा उपलब्ध है या नहीं।

इस समय सरकार द्वारा सुकन्या समृद्धि  योजना के लिए खाता खोलने की सुविधा निम्न बैंकों में उपलब्ध है:

  1. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
  2. स्टेट बैंक ऑफ पटियाला
  3. स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर
  4. स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर
  5. स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद
  6. स्टेट बैंक ऑफ मैसूर
  7. आंध्रा बैंक
  8. इलाहाबाद बैंक
  9. बैंक ऑफ बड़ोदा
  10. बैंक ऑफ इंडिया
  11. पंजाब एंड सिंध बैंक
  12. बैंक ऑफ महाराष्ट्र
  13. केनरा बैंक
  14. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
  15. कॉर्पोरेशन बैंक
  16. देना बैंक
  17. इंडियन बैंक
  18. इंडियन ओवरसिस बैंक
  19. पंजाब नैशनल बैंक
  20. सिंडीकेट बैंक
  21. यूको बैंक
  22. ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स
  23. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
  24. यूनाटिड बैंक ऑफ इंडिया
  25. विजया बैंक
  26. एक्सिस बैंक लिटिड
  27. आईसीआईसीआई बैंक लिटिड
  28. एच डी एफ सी बैंक लिटिड
  29. आई डी बी आई बैंक लिटिड
  30. एक्सिस बैंक लिटिड

सुकन्या समृद्धि खाता कैसे खोला जाए

  1. सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत एकाउंट या खाता खोलने की विधि बहुत सरल है। जैसे आप पी पी एफ के लिए फॉर्म भरकर खाता खुलवाते हैं, बिलकुल इस योजना के लिए भी एक फॉर्म निर्धारित किया गया है।
  2. यह फॉर्म भरकर जब इच्छित बैंक या डाकघर में जब आप जाते हैं तो संबन्धित बैंक या डाकघर, बेटी को खाताधारक के रूप में बुलवाते हैं।
  3. पूर्ण रूप से सत्यापन के बाद सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बेटी के नाम से खाता खोल दिया जाता है।

 

सुकन्या समृद्धि योजना की पात्रता क्या है?

इस योजना के अंतर्गत खाता खोलने के लिए पात्रता निम्न रूप में निर्धारित की गई है: वह कोई भी व्यक्ति जो एक लड़की के माता-पिता या अभिभावक हों, इस योजना के अंतर्गत खाता खुलवा सकते हैं।

  1. बेटी के प्राकृतिक माता-पिता या वो अभिभावक जो बेटी की देखभाल कर रहे हों, इस योजना के अंतर्गत खाता खोलने के पात्र माने जाते हैं।
  2. एक परिवार में दो बेटियों के नाम पर दो खाते खोल सकते हैं।
  3. कोई भी अभिभावक केवल एक बेटी के नाम पर एक ही खाता खुलवा सकते हैं । लेकिन जुड़वा बेटी होने की स्थिति में खातों की संख्या तीन हो सकती है।

सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज

जब आप सुकन्या समृद्धि योजना खाता खोलना चाहते हैं तो आपको इस काम के लिए निम्न डोक्यूमेंट्स की जरूरत हो सकती है:

  1. सुकन्‍या समृद्धि खाता खोलने के लिए निर्धारित फॉर्म;
  2. बेटी/बेटियों का जन्‍म प्रमाणपत्र;
  3. खाता खुलवाने वाले जमाकर्ता (माता-पिता या अभिभावक) का पहचान पत्र जैसे पैन कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि;
  4. जमाकर्ता के पते का प्रमाणपत्र जैसे पासपोर्ट, राशन कार्ड, बिजली बिल, टेलीफोल बिल आदि;

इन दस्तावेजों के साथ जब आप बेटी के नाम से खाता खोल लेते हैं तो डाक घर या बैंक (जहां आपने खाता खुलवाया है ) वह आपको एक पासबुक देते हैं। आजकल तकनीक का विकास हो चुका है और इसका लाभ उठाने के लिए यदि आप चाहें तो नेट बैंकिंग से भी पैसे इस खाते में जमा करवा सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना में आयुसीमा और उसमें छूट

  1. यह योजना 2 दिसंबर 2014 को घोषित करी गई थी।
  2. इस योजना के अंतर्गत खाता बेटी के जन्म से लेकर उसकी दस वर्ष की आयु होने तक खोला जा सकता है।
  3. जो कन्या इस योजना की अधिसूचना के जारी होने से पहले 10 वर्ष पूरे कर चुकी है उसे इस योजना के अंतर्गत एक और वर्ष की छूट दी जाती है।

सुकन्या समृद्धि योजना में कब तक धन जमा करवाना है?

  1. इस खाते की सबसे बड़ी विशेषता यह है की आपको इस खाते में केवल 14 वर्ष ही पैसे जमा करवाने होंगे।
  2. यह धन राशि आपको नियमित रूप से जमा करनी होती है।
  3. यदि किसी वर्ष आप न्यूनतम जमा करवाने वाली राशि यानि 1000 रुपए किसी कारण से जमा नहीं करवा पाते हैं तो अगले वर्ष जमा की जाने वाली राशि के साथ 50 रुपए का जुर्माना देना होगा।

सुकन्या समृद्धि योजना में जमा करने वाली न्यूनतम और अधिकतम धन राशि

  1. इस योजना में खाता खुलवाते समय आप शुरू में न्यूनतम राशि के रूप में 1000 रुपए जमा करवा सकते हैं।
  2. इस खाते में आप एक वर्ष में डेढ़ लाख रुपए तक की राशि को जमा करवा सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना में से धन कैसे निकलवाया जा सकता है?

  1. सुकन्या समृद्धि योजना खाता में जमा धन राशि को पूरी तरह से बेटी के 21 वर्ष पूरे होने पर ही निकाला जा सकता है।
  2. यदि आप चाहें तो बेटी के 18 वर्ष पूरे होने पर आंशिक रकम निकाली जा सकती है।
  3. यदि बेटी 10वीं की कक्षा उत्तीर्ण कर लेती है तब 18 वर्ष से पूर्व भी आंशिक धन राशि का निकास हो सकता है। इसके लिए बेटी के 10 कक्षा की पढ़ाई की फीस की रसीद और संबन्धित डोकूयूमेंट पैसे निकालने वाली एप्लिकेशन के साथ लगाने होंगे।
  4. यह आंशिक रकम खाते में जमा कुल धन राशि का 50 प्रतिशत तक ही हो सकता है।
  5. यह रकम एक साथ ही या पाँच वर्ष तक एक-एक किस्त के रूप में निकाले जा सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना में खुला खाता कैसे बंद हो सकता है?

  1. इस योजना के अंतर्गत खुला खाता बेटी के 21 वर्ष पूरे होने पर स्वयं ही बंद हो जाता है और खाते की राशि माता-पिता या अदभिभावक को दे दी जाती है।
  2. यदि दुर्भाग्य वश 21 वर्ष से पूर्व बेटी की मृत्यु हो जाती है या विवाह हो जाता है तो खाता तत्काल तिथि से बंद माना जाएगा।
  3. इस स्थिति में खाते की रकम बेटी के माता-पिता या नामित अभिभावक को दे दी जाएगी।

सुकन्या समृद्धि योजना में खुले खाते का संचालन

इस खाते की धारक बेटी जब तक 18 वर्ष की नहीं होती है, इस खाते का संचालन और देखभाल माता-पिता या अभिभावक करते हैं। लेकिन बेटी के 18 वर्ष पूरे होने पर खाते का संचालन स्वयं बेटी कर सकती है।

सुकन्या समृद्धि योजना में खुले खाते का ट्रांसफर

  1. यदि बेटी के माता-पिता या अभिभावक चाहें तो इस योजना में खुले खाते को देश के किसी भी डाक घर या बैंक में ट्रांसफर भी करवा सकते हैं। केवल ट्रांसफर करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा की बैंक या डाकघर की उस ब्रांच में या शाखा में वह सुविधा होनी चाहिए जहां आप खाते का ट्रांसफर करवाना चाहते हैं।
  2. आप चाहें तो डाक घर से बैंक या डाकघर की किसी अन्य शाखा में खाते का ट्रांसफर करवा सकते हैं।
  3. इसी प्रकार बैंक से डाक घर या बैंक की किसी अन्य ब्रांच या शाखा में खाते को ट्रांसफर करवा सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना खाते में ब्याज

इस योजना में खुले खाते पर ब्याज का भुगतान , पीपीएफ के खाते की भांति ही होता है। सरल शब्दों में खाते की राशि को कंपाउंड आधार पर ब्याज की कैलकुलेशन करी जाती है। साधारण रूप से इन्टरेस्ट माह के अंत में खाते की राशि पर गिना जाता है। इसका खाते में भुगतान वित्तीय वर्ष के अंत में यानि मार्च के आखिर में किया जाता है। यह राशि पास बुक में तभी दिखाई देती है। वर्ष 2017-18 से इस योजना के खाते में ब्याज की दर 8.3% कर दी गई है।

ब्याज की गणना कैसे करें?

सुकन्या समृद्धि योजना खाते में ब्याज की गणना के लिए आपके खाते का न्यूनतम बैलेंस जो महीने की 10 तारीख तक होता है, को गिना जाता है। इसलिए आप इस बात को ध्यान में रखें की 10 तारीख तक जो भी राशि आपके एकाउंट में होगी, ब्याज उसी राशि पर लगेगा। यदि आप चेक द्वारा खाते में रकम जमा कर रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें की वह चेक 10 तारीख से पहले की क्लियर हो जाये और वह राशि आपके एकाउंट में चली जाये।

सुकन्या समृद्धि योजना खाते के ब्याज का कैलकुलेटर

अगर आप प्रति वर्ष इस खाते में 1000 रुपए जमा करवा देते हैं तो 8.30% वार्षिक दर से मिलने वाले ब्याज पर 15 वर्ष बाद खाते में राशि का ब्यौरा इस प्रकार होगा:

वर्ष संख्या वार्षिक जमा की जाने वाली राशि वर्ष के अंत में शेष राशि
1 ₹1,000 ₹1,083
2 ₹1,000 ₹2,256
3 ₹1,000 ₹3,526
4 ₹1,000 ₹4,902
5 ₹1,000 ₹6,392
6 ₹1,000 ₹8,005
7 ₹1,000 ₹9,753
8 ₹1,000 ₹11,645
9 ₹1,000 ₹13,695
10 ₹1,000 ₹15,914
11 ₹1,000 ₹18,318
12 ₹1,000 ₹20,922
13 ₹1,000 ₹23,741
14 ₹1,000 ₹26,795
15 ₹1,000 ₹30,101

सुकन्या समृद्धि योजना के लाभ

  1. सुकन्या समृद्धि योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है की इस योजना में किए गए निवेश यानि जमा की गई राशि पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं देना होता है।
  2. इस योजना के धन राशि पर मिलने वाले ब्याज पर भी कोई कर नहीं देना होगा।
  3. जब इस योजना का खाता मैच्योर होता है उस समय भी उस मिलने वाली राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता है।
  4. इस योजना में ब्याज दर पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज से अधिक है।

सुकन्या समृद्धि योजना की सीमाएं

भारत सरकार द्वारा कन्या विवाह व शिक्षा के उद्देशय के लिए जारी की गई इस योजना की निम्नलिखित सीमाएं हैं:

  1. जैसा की नाम से स्पष्ट है, यह योजना केवल कन्या संतान के लिए ही होती है।
  2. इस योजना की ब्याज दर हर साल बदल जाती है। कुछ लोगों के लिए गणना करने में कठिनाई हो सकती है।
  3. यह योजना और इसकी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है।
  4. इस योजना का लॉक-इन पीरियड यानि जमा करने की अवधि बहुत अधिक (14 वर्ष) है।
  5. इस योजना के विरुद्ध किसी प्रकार का ऋण नहीं ले सकते हैं।
  6. इस योजना की पात्रता के लिए कन्या की आयु केवल 10 वर्ष है।

निष्कर्ष के रूप में यह कहा जा सकता है की सुकन्या समृद्धि योजना प्रत्येक उन माता-पिता या अभिभावकों के लिए वरदान है जो धन की कमी के कारण अपनी बेटियों की पढ़ाई या विवाह में परेशानी महसूस करते थे। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओमेरी बेटी मेरा अभिमान के बारेमें पढ़ने के लिए यह लिंक फॉलो करे| For more information check Nari.nic.in.

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About the author

Ajay Chavan

"Cut from a different cloth"
I believe words have the power to change the world. So, here I am, determined to change the world and leave my mark on it, one word at a time.
A writer, amateur poet, ardent dog lover, Sanskrit & Urdu enthusiast, and a seeker of Hiraeth.

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