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बसंत पंचमी पर हिंदी निबंध, भाषण Basant Panchami

बसंत पंचमी पर हिंदी निबंध, भाषण

Basant Panchami is one of the most awaited festivals for Hindus and Sikhs in India. It falls on 5th day of Spring and that is why is it called Basant Panchami where “Basant” means “Spring” and “Panchami” means “the Fifth Day”. It is also called Vasant or Sri Panchami in different regions of India. This year we will observe Basant Panchami on Monday, 22 January 2018.

This season students get homework to write an essay, paragraph or article on Basant Panchami in English, Hindi, Punjabi and other languages. One can expect the same topic for speech competitions too.

बसंत पंचमी पर हिंदी निबंध

बसंत पंचमी एक हिंदू और सिख त्योहार है, जिसे भारत के पश्चिमी भागों में वसंत पंचमी भी कहा जाता है। यह माघ महीने के ५ वें दिन मनाया जाता है, जो जनवरी से फरवरी के बीच आता है। इस साल हम सोमवार २२ जनवरी को बसंत पंचमी का त्यौहार मनायेंगे।

बसंत पंचमी का महत्व

बसंत पंचमी भारत के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न तरीकों के साथ मनाया जाता है। कुछ लोग देवी सरस्वती की पूजा करते है, जो कला, संगीत,और ज्ञान का प्रतीक है| कुछ लोग मंदिरों की यात्रा करते हैं, उपवास करते हैं, भक्ति संगीत सुनते हैं, पूरा दिन पर समग्र वातावरण सुखद और भक्तिमय होता है। कुछ जगहों पर कामदेव की भी पूजा की जाती है| उत्तर भारत में, ज्यादातर पंजाब में सरसों के फूलों को सम्मान देने के लिए और बसंत ऋतू का स्वागत करने के लिए पीले कपड़े पहनकर बसंत पंचमी का जश्न मनाया जाता है, तो कुछ लोग पतंग उड़ाकर यह त्यौहार मनाते है।

बसंत पंचमी का नाम ही त्यौहार का वर्णन करता है, बसंत का अर्थ है “वसंत” और “पंचमी” का अर्थ “पांचवा दिन” है, इसलिए बसंत पंचमी वसंत के पांचवें दिन आती है।

यह त्यौहार मुख्य रूप से हिन्दू और सिखों द्वारा भारत के उत्तर, मध्य और पश्चिमी भाग में मनाया जाता है। नेपाल, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम के लोग देवी सरस्वती के मंदिर में जाते हैं और उनकी पूजा करते हैं। वही दिन आंध्र प्रदेश में ‘श्री पंचमी’ के रूप में मनाया जाता है। बसंत पंचमी बाली में भी मनाई जातीं है, बाली इंडोनेशिया देश का एक प्रांत है। वहां इसे “हरि राया सरस्वती” कहा जाता है जिसका अर्थ है ‘सरस्वती का बड़ा दिन’| इसी तरह, बसंत पंचमी पूरे विश्व जहां बड़ा भारतीय डायस्पोरा है मनाई जातीं है।

कई भारतीय विद्यालय, महाविद्यालय उत्साह के साथ बसंत पंचमी का उत्सव मनाते हैं। देवी सरस्वती ज्ञान, कला और संगीत का प्रतीक है, इसलिए शैक्षणिक संस्थान पूजा का आयोजन करते हैं, वे किताबों, वाद्य और उपकरणों की पूजा करते हैं। नृत्य और संगीत शिक्षक इसे अपने छात्रों के साथ मनाते हैं और नए विद्यार्थी बसंत पंचमी पर अपना नृत्य या संगीत अध्ययन शुरू करते हैं।

कुछ लोग बसंत पंचमी भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करके मानते है| कहा जाता है की, इस दिन देवी पार्वती ने भगवान शिव को लंबे योगिक ध्यान से जगाने के लिए कामदेव की मदद ली थी और इस दिन हमारी सृष्टि का सृजन हुआ था| इस दिन को वसंत पंचमी भी कहा जाता है और महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में इसे बड़े चाव से मनाया जाता है।

मुख्य रूप से पंजाब और गुजरात के लोग इस दिन “पतंग महोत्सव” मनाते हैं| बच्चे, वयस्क “पतंग” और “डोर” खरीदते हैं, कुछ लोग पतंग अपने हात से बनाते हैं और वे खुले आसमान में पतंग उड़ाते हैं| कुछ इसे उच्चतम उड़ान भरने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, तो कुछ एक दूसरे की “पतंग दोर” काटने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। यहां तक ​​कि पाकिस्तान के पंजाबी मुस्लिम इस ऋतू के दौरान घर के छतों से पतंग उड़ाने का आनंद लेते है। पतंग त्योहार कई बॉलीवुड फिल्मों में भी दिखाया गया है।

बंसत पंचमी पर भाषण

शुभ प्रभात, हम सभी यहां बसंत पंचमी का उत्सव मनाने के लिए इकट्ठे हुए हैं। आज हम यहां, माता सरस्वती का आशीर्वाद लेने के लिये और वसंत ऋतू का स्वागत करने के लिए एकत्रित हुए हैं। में देवी सरस्वती के सामने नतमस्तक होके उनके आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करता हूँ।

देवी सरस्वती शिक्षण, संगीत और कला का प्रतीक है। वह है जो हमें बुद्धि और प्रतिभा देती है। हम नृत्य अकादमी / गायन विद्यालय / स्कूल / कॉलेज के रूप में उनके सामने सर झुकाते हुए आशीर्वाद देने के लिए प्रार्थना करते ताकि हम कला और ज्ञान की रोशनी को पूरे विश्व में फैला सके।

सूचना: इस पैराग्राफ के बाद आप निबंध में दी हुई जानकारी भी भाषण में जोड़ सकतें है| या फिर आप वसंत ऋतू के महत्व के बारेमें भी बात कर सकते है|

We hope you like our Hindi essay and a short speech on Basant Panchami. You can also make use of this information for paragraph and article writing. If this article helped you in any way then don’t forget to comment. We love to hear your comments.

About the author

Sunil

He is an ardent reader and likes to share what he learns. He believes in reforming the Indian education system, at the same time he is willing to help students survive the existing one.

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