१० पंक्तियाँ शिक्षा

डॉ बाबासाहब अम्बेडकर पर १०, १५ पंक्तिया, वाक्योंमे हिंदी जानकारी

10, 15 lines on babasahab ambedkar in Hindi

डॉ बाबासाहब अम्बेडकर भारत के एक प्रमुख नेता तथा भारतीय संविधान के शिल्पकार से जाने जाते है. इस लेख में हमने डॉ. बाबासाहब अम्बेडकर के बारेमे १०, १५ वाक्योमे तथा पंक्तियोंमे जानकारी और एक लघु निबंध हिंदी भाषा में दिया है. तो चलिए देखते है.

डॉ बाबासाहब अम्बेडकर पर १०, १५ पंक्तिया, वाक्योंमे हिंदी जानकारी

  1. डॉ. बाबासाहब अम्बेडकर भारतीय संविधान के शिल्पकार हैं।
  2. उन्होंने अपने संविधान समिति सदस्यों के साथ दुनिया का सबसे लंबा संविधान लिखा।
  3. पहले मसौदे को पूरा करने में २ साल से अधिक समय लगा।
  4. इस संविधान के मसौदे को २६ नवंबर १९४९ को संसद ने अपनाया था |
  5. २६ जनवरी १९५० को, यह संविधान कार्रवाई में आया।
  6. १५ अगस्त १९४७ से २६ जनवरी १९४९ तक हम एक ब्रिटिश डोमिनियन थे।
  7. इसदिन से हम एक गणतंत्र राष्ट्र बन गए।
  8. यही कारण है कि हम हर साल २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं।
  9. डॉ. बाबसाहब अम्बेडकरजी जाति व्यवस्था और अस्पृश्यता के खिलाफ लड़े।
  10. बुद्ध समुदाय के लोग उन्हें भगवान मानते है।
  11. डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर भारतीय इतिहास के एक बहुत ही महत्वपूर्ण व्यक्ति है।
  12. हमें उनकी जीवन से और कार्य से प्रेरणा लेनी चाहिए।
  13. उन्होंने भारतीय लोगों और दलितों के लिए अपना पूरा जीवन अर्पण किया।
  14. मैं डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को सलाम करता हूं।
  15. वे हमेशा हमारे ज़हन में और यादोंमे बने रहेंगे।

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर पर १५ से २० लाइनें में लघु निबंध

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का पूरा नाम भीमराव रामजी अम्बेडकर है। उनका जन्म १४ अप्रैल १८९१ को आज के मध्य प्रदेश में महू के सैन्य छावनी में हुआ था। उनका मूल परिवार रत्नागिरी जिले के अंबादवे गांव से था, यह अबके महाराष्ट्र राज्य में आता है। उनके पिता का नाम रामोजी सकपाल था, और मां का नाम भीमाबाई सकपाल था। सेवानिवृत्ति के बाद, उनके पिता बच्चों के साथ सातारा चले गए। स्कूल में, उनके पिता ने उनका नाम “अंबादवेकर” के रूप में पंजीकृत किया। जो बाद में उनके शिक्षक कृष्णा केशव अम्बेडकर ने “अम्बेडकर” करवाया। बचपन से, वह एक होनहार बच्चे थे। वह अपने युग के सबसे शिक्षित लोगों में से एक है।

उन्होंने सदियों पुरानी जाति व्यवस्था और अस्पृश्यता के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने भारतीय संविधान में दलितों के लिए आरक्षण व्यवस्था भी की। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को भारतीय संविधान के वास्तुकार के रूप में बुलाया जाता है। उन्होंने संविधान समिति के सदस्यों के साथ भारतीय संविधान का पहला मसौदा लिखा। इस विशाल कार्य को पूरा करने में २ साल से अधिक समय लगा। भारतीय संविधान पूरी दुनिया में सबसे लंबा संविधान है।

संविधान का पहला मसौदा २६ नवंबर १९४९ को अपनाया गया था। भारतीय संविधान २६ जनवरी १९५० कार्रवाई में आया| हमें १५ अगस्त १९४७ को ब्रिटिश राज से स्वतंत्रता मिली लेकिन हम अभी भी एक ब्रिटिश डोमिनियन थे। भारतीय संविधान लागू होने के बाद २६ जनवरी १९५० को भारत गणतंत्र राष्ट्र बन गया। यही कारण है कि हम २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं। डॉ. बासाहेब अम्बेडकर की इसमें सबसे बड़ी भूमिका है।

उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की स्वतंत्रता आंदोलन और बाद में दलितों के अधिकारों के लिए खपा दिया। वह भारत के पहले कानून और न्याय मंत्री भी थे। १९९० में, उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनके कद का आदमी सौ साल में एक बार पैदा होता है। हमें उनकी शिक्षाओं से सीखना चाहिए, मैं इस भारत के महानतम हीरो को सलाम करता हूं।

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About the author

Ajay Chavan

"Cut from a different cloth"
I believe words have the power to change the world. So, here I am, determined to change the world and leave my mark on it, one word at a time.
A writer, amateur poet, ardent dog lover, Sanskrit & Urdu enthusiast, and a seeker of Hiraeth.

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