१० पंक्तियाँ शिक्षा

महात्मा गांधी पर १० वाक्य हिन्दी-10 Lines on Mahatma Gandhi

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महात्मा गांधीजी हमारे राष्ट्रपिता है, उन्होंने हमे ब्रिटिश राजसे स्वतंत्रता दिलाई| इस प्रयास में उन्हें बहुत साड़ी तख़लीफ़ोंसे गुजरना पड़ा| वे कहीं बार जेल भी गए, उन्हें कई साल हाउस अरेस्ट मैं भी रखा गया था| ऐसे महान पुरुष की जानकारी हर भारतीय को होनी चाहिए| इसीलिए स्कूल में बच्चोंको महात्मा गांधी विषय पर ५ या १० लाइन्स का निबंध या भाषण दिया जाता है|

इस लेख में हम आपको ५, १० और २० वाक्योंके निबंध दे रहें है| पहले दिए हुए ५ लाइन्स LKG, UKG और १० लाइन्स क्लास १,२,३ के बच्चोंके लिए उपयुक्त होंगे| आगे हमने १५ से २० पंक्तियों का शॉर्ट एस्से दिया है, यह क्लास ४,५,६,७,८ के काम आ सकता है| अगर आपको हमारा यह प्रयास अच्छा लगा हो तो हमें कमेंट में बताएं| तो चलो शुरू करतें है!

महात्मा गांधी जी के बारे में ५, १० वाक्य/पंक्तियां हिंदी में

  1. महात्मा गांधीजी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है|
  2. उनका जन्म २ अक्टूबर १८६९ को पोरबंदर में हुआ था|
  3. महात्मा गांधीजी ने भारत को अंग्रेजोंसे स्वतंत्रता दिलाई थी|
  4. उन्हें हम प्यार से बापू भी बुलाते है|
  5. महात्मा गांधी हमारे राष्ट्रपिता है|
  6. मैं उन्हे शत-शत प्रणाम करतां हूँ|

10 Lines On Mahatma in Hindi for class 1,2,3 Students

  1. महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है।
  2. उनका जन्म २ अक्टूबर १८६९ को पोरबंदर में हुआ था जो वर्तमान में गुजरात में हे।
  3. हर साल उनकी जन्मदिन की सालगिरह पर राष्ट्रीय छुट्टी होती है।
  4. उन्होंने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता पाने में भारत की मदद की।
  5. हम उन्हें “राष्ट्र पिता” कहते हैं|
  6. उनका चित्र सभी भारतीय नोटों पर मुद्रित है|
  7. १८ वर्ष की उम्र में, १० अगस्त १८८८ को वह लॉ पढने के लिए लंदन गए।
  8. २२ साल की उम्र में, वह बैरीस्टर के रूप में भारत लौट आए।
  9. बॉम्बे में असफल लॉ प्रैक्टिस के बाद, उन्हें दक्षिण अफ्रीका में नौकरी मिली।
  10. दक्षिण अफ्रीका में, वह नटाल ब्रिटिश सरकार से भारतीय लोगों के अधिकारों के लिए लड़े।
  11. १९१५ में, वह भारत लौट आए और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए। तब से वह भारत की आजादी के लिए लड़े।
  12. वह अहिंसक नीतियों के साथ ब्रिटिश से लड़े।
  13. १५ अगस्त १९४७ को भारत को आज़ादी मिली|
  14. ३० जनवरी १९४८ के शाम ०५:५० पर नथुराम घोडसे द्वारा महात्मा गांधीजी की हत्या हुई।
  15. उनकी नीतियां पूरी दुनिया के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ी जाती है।
  16. वह सभी मानव जाति के लिए एक प्रेरणा है|

15 to 20 Lines Short Essay on Mahatma Gandhi for Class 4,5,6 Students

महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है; उनका जन्म २ अक्टूबर १८६९ को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। हर साल हम २ अक्टूबर को महात्मा गांधी की जन्मदिन की सालगिरह मनाते हैं। इस दिन को आंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिन भी कहा जाता है। १९८८ में, १८ वर्ष की उम्र में, वह लॉ स्टडी के लिए लंदन गए। वह २२ वर्ष की उम्र में बैरिस्टर बनके भारत लौट आए। उन्होंने बॉम्बे (अब मुंबई) में लॉ प्रैक्टिस करने के असफल प्रयास किए। बाद में, उन्हें दक्षिण अफ्रीका में नौकरी मिली|

दक्षिण अफ्रीका में, उन्हें नटाल ब्रिटिश सरकार के तहत भारतीयों को दिया गया अमानवीय उपचार का एहसास हुआ। उन्होंने वहां भारतीयों को मूलभूत अधिकार देने के लिए अलग गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन भी किया। १९१५ में, वह भारत लौट आए और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए। तब से उनका पार्टी में कद बढ़ता गया। उन्होंने क्रूर ब्रिटिश राज के खिलाफ नई अहिंसा की रणनीति इस्तेमाल की। उन्होंने सभी भारतीयों को एक साथ लाया, जिससे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम देश व्यापक बन गया।

महात्मा गांधी के आंदोलन और नेतृत्व, राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्य, शाहिद भगत सिंह की शहादत, नेताजी बोस की वीरता और हज़ारो स्वतंत्र सेनानियों के बलिदान के सामूहिक प्रयास से १५ अगस्त १९४७ को भारत ने अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की।

बिरला हाउस मंदिर, दिल्ली में नथुराम घोडसे द्वारा महात्मा गांधी की हत्या हुई थी। वह प्रार्थना के लिए जा रहा थे, नथुराम घोडसे ने उन्हें छाती में गोली मार दी। “हे राम” उनके आखरी शब्द थे| जिस स्वतंत्र भारत के लिए वो ज़िन्दगी भर लड़ते रहे, वही स्वतंत्र भारत देखने के लिए वह ज्यादा समय जीवित नहीं रहें| पर आज भी वह सारे भारतवासियों के दिल में है, हम उनका बलिदान कभी भी नहीं भूल सकतें|

महात्मा गांधी को “बापू” या “राष्ट्र पिता” के रूप में सम्मानित किया गया है। उनकी शिक्षाएं केवल भारत तक ही सीमित नहीं हैं, उनकी नीतिया, शिक्षायें दुनिया में हर जगह पढाई जाती है| महात्मा गांधीजी मानवता के लिए दिया गया सबसे बड़ा उपहार है| हम, भारतीय हमेशा उन्हें याद करेंगे|

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About the author

Ajay Chavan

"Cut from a different cloth"
I believe words have the power to change the world. So, here I am, determined to change the world and leave my mark on it, one word at a time.
A writer, amateur poet, ardent dog lover, Sanskrit & Urdu enthusiast, and a seeker of Hiraeth.

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